महिला विशेष कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Women Focused in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • Devil की दास्तान - 59

    (खिड़की से हल्की धूप अंदर आ रही है। कमरे में अब सन्नाटा नहीं, बल्कि एक अजीब-सी श...

  • विजया दशमी

    आश्विन महीने की उजली रात थी। पूरी सोसायटी गरबा की ताल और झिलमिलाती रोशनी से जगमग...

  • दो पतियों की लाडली पत्नी (Season 2) - 14

    20 दिन…इतनी जल्दी गुजर गए…पर हर दिन…श्रेया के लिए…जैसे एक-एक सदी के बराबर था…अब...

Her Silent Secret - 37 By Sonam Brijwasi

शहर का वह सुनसान, वीरान इलाका जहाँ कभी संयोगिता की जिंदगी की सबसे बड़ी त्रासदी शुरू हुई थी, आज उसका अंत होने वाला था। बारिश की हल्की बूंदाबांदी हो रही थी, जो खून की गंध को धो नहीं...

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Devil की दास्तान - 59 By Sonam Brijwasi

(खिड़की से हल्की धूप अंदर आ रही है। कमरे में अब सन्नाटा नहीं, बल्कि एक अजीब-सी शांति फैली है। सिमरन बिस्तर के पास कुर्सी पर बैठी है, रातभर सोई नहीं। उसकी आँखें थकी हुई हैं, पर चेहर...

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एक दिन की देवियाँ By Rinki Singh

बचपन के दिनों में एक बार एक साधु महाराज हमारे गाँव में आए थे। गाँव में साधु-संतों का आना कोई मामूली बात नहीं थी। उनके आते ही लोगों की श्रद्धा जैसे उमड़ पड़ती थी। उनके ठहरने, खाने-प...

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Mafia's Possession - Chapter 1 By Luna Rinn

देहरादून-Famoud Bar Clubदेहरादून का फेमस बार क्लब, यहां पर ऐसा कोई काम नहीं था, जो नहीं होता था। स्मगलिंग, ड्रग्स डीलिंग और भी ऐसे बहुत से इल्लीगल काम होते थे। बाहर से देखने में यह...

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देवी उवाच By Bharati babbar

राधा का ब्याह हुए पाँच दिन हो गए। उसके बाद वह मायके का फेरा लगाकर आज सुबह ससुराल चली गई। सारे मेहमान और नाते रिश्तेदार भी लौट गए। घर अचानक खाली सा लगने लगा। लेकिन कुसुम को इसी खाली...

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सत्या का सच By Nirali

अरव मेरी ज़िंदगी का पहला और आखिरी पता था। हम दोनों एक ही गली में पले-बढ़े। मुझे आज भी याद है कि जब हमने नन्हें कदमों से चलना सीखा था, तब से अरव मेरा हाथ पकड़कर चलता था। बचपन में जब...

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MISS CEO WOMAN - 1 By Raju kumar Chaudhary

“जब अरबपति CEO ने डिलीवरी बॉय बनकर गर्लफ्रेंड का टेस्ट लिया… और उसने उसके मुंह पर पैसे फेंक दिए!”केनज़ो… अब अर्जुन बन चुका था।सिर्फ 27 साल की उम्र में वह अग्रवाल एम्पायर का CEO था ...

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विजया दशमी By Nirali

आश्विन महीने की उजली रात थी। पूरी सोसायटी गरबा की ताल और झिलमिलाती रोशनी से जगमगा रही थी। ढोल की थाप और खेलैयों के उल्लास के बीच माहौल में एक अनोखा उत्सव छाया हुआ था। निशा के घर मे...

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ज़िंदगी तू क्या नहीं देती - एक टूटी हुई लड़की की सच्ची कहानी - 10 By Priya

---सिंदूर लगाने के बाद उस रात मैं सो नहीं पाई। माँग में लगा वो लाल रंग सिर्फ सिंदूर नहीं था, वो मेरे नए जन्म का निशान था। नीचे माँ धीरे-धीरे रो रही थी, खुशी के आँसू। पापा ने पहली ब...

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सन्यासी -- भाग - 33 By Saroj Verma

डाक्टर अरुण को हँसता हुआ देखकर जयन्त बोला...."डाक्टर साहब! मेरी बहन को भी ऐसे ही हँसाते रहिएगा,कभी भी उसका साथ मत छोड़िएगा","आप बेफिक्र रहे जयन्त बाबू! ऐसी नौबत कभी नहीं आऐगी कि आपक...

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किरदार से आगे !(Beyond the Character) By Heena Vankar

" किरदार तो दुनिया देखती है, लेकिन किरदार के पीछे छिपा इंसान बहुत कम लोग समझ पाते हैं।” समाज द्वारा उसे दिए गए अलग-अलग किरदारों—बेटी, बहन, दोस्त, पत्नी, —से आगे उसकी अपनी पहचान, इच...

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दो पतियों की लाडली पत्नी (Season 2) - 14 By Sonam Brijwasi

20 दिन…इतनी जल्दी गुजर गए…पर हर दिन…श्रेया के लिए…जैसे एक-एक सदी के बराबर था…अब उसकी हालत और खराब होने लगी थी…सांसें तेज़ चलतीं…सीने में दर्द…और वो घबराहट…जो उसे अंदर ही अंदर खा रह...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 - 20 By Sonam Brijwasi

आज अग्निहोत्री हाउस पूरी तरह रोशनी से जगमगा रहा था।रितांशी का जन्मदिन था। पूरा घर फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजा हुआ था। रितांशी गुलाबी ड्रेस में बेहद प्यारी लग रही थी। उसके कॉल...

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खामोश दीवारें और एक रोशनी By Nisha Choudhary

एक सच्ची घटना पर आधारित कहानी..."यह कहानी समाज के उस कड़वे सच को दर्शाती है, जो एक औरत बंद दरवाजों के पीछे सहती है। एक महिला के जीवन की सच्ची घटना पर आधारित कहानी..."शादी की शहनाइय...

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Shakti ke Shiv - 28 By sheetal

शक्ति इन्हीं सवालों में उलझी हुई थी कि तभी पीछे से किसी ने उसके कंधे पर हाथ रखा।वह हल्का-सा चौंकी और पलटकर देखा।शिवाय उसके पीछे खड़ा था।उसने बिना कुछ कहे चाय की tray सामने रखी tabl...

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एक औरत की ज़िंदगी By Nisha Choudhary

क्या आपने कभी सोचा है कि एक औरत अपनी पूरी ज़िंदगी दूसरों के नाम करके भी मुस्कुरा कैसे लेती है?एक औरत की अनकही दास्तान:सुबह के पाँच बज रहे हैं। पूरा शहर अभी गहरी नींद में सोया हुआ ह...

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नई बहू By shilpi

आखिर वो बेला आ ही गयी जिसके लिये मां बाप कब से इंतज़ार करते हैं----अपने माता पिता और स्नेहजनों से बिछड़ कर नीलम अपने पिया राकेश के साथ विदा हो अपनी ससुराल की और चल दी।मन में जहां नई...

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अधूरी तड़प, ख़ामोश छुअन By Mayur Chaudhary

पुरानी हवेलीनुमा मकान की सबसे ऊपरी मंज़िल के कमरे में आरोही की एक अलग ही दुनिया बसती थी। घर में सिर्फ़ तीन लोग थे—उसका बड़ा भाई रोहन, भाभी कविता और वो ख़ुद। भाई का दिन का ज़्यादातर...

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DMA - Dehradun Military Academy - 5 By Aarushi Singh Rajput

सारी लड़कियाँ एक लाइन में खड़ी थीं। उनके सामने Major Saumya खड़ी थीं।उन्होंने सभी की तरफ़ देखते हुए कहा,“I'm Major Saumya, the Academy Commander of DMA.”“आप लोग अगले 6 महीने इस...

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मंजिले - भाग 55 By Neeraj Sharma

गुज़र होता था कभी कभी उस टाहली के पास से,यहां मेरे बापू और भाई से बदला लिया था... उसे कुहाड़ी से काट दिया था.. पर बापू की तो गर्दन ही उड़ा दी थी, मेरे भाई की बाजू काट दी थी,पर उसने भी...

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राहें - 30 By shiromani mathur

एक थी रेनूरेनू अपनी परिचित ऑटी सावित्री के घर पहुँची, दरवाजाखटखटाते हुये वह थोड़ा झिझक रही थी, फिर भी हिम्मत करकेउसने दरवाजा खटखटाया, दरवाजा सावित्री ऑटी ने ही खोला-रेनू को दरवाजे...

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मायके की देहलीज़ - भाग 3 By Nisha Choudhary

अस्पताल के उस ठंडे कमरे में फैली गहरी खामोशी को अचानक रीना की भारी सिसकियों ने तोड़ दिया। रीना की आँखों से अब पछतावे के आँसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। जिस नफ़रत, गलतफहमी और अहंक...

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Her Silent Secret - 37 By Sonam Brijwasi

शहर का वह सुनसान, वीरान इलाका जहाँ कभी संयोगिता की जिंदगी की सबसे बड़ी त्रासदी शुरू हुई थी, आज उसका अंत होने वाला था। बारिश की हल्की बूंदाबांदी हो रही थी, जो खून की गंध को धो नहीं...

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(खिड़की से हल्की धूप अंदर आ रही है। कमरे में अब सन्नाटा नहीं, बल्कि एक अजीब-सी शांति फैली है। सिमरन बिस्तर के पास कुर्सी पर बैठी है, रातभर सोई नहीं। उसकी आँखें थकी हुई हैं, पर चेहर...

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एक दिन की देवियाँ By Rinki Singh

बचपन के दिनों में एक बार एक साधु महाराज हमारे गाँव में आए थे। गाँव में साधु-संतों का आना कोई मामूली बात नहीं थी। उनके आते ही लोगों की श्रद्धा जैसे उमड़ पड़ती थी। उनके ठहरने, खाने-प...

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देहरादून-Famoud Bar Clubदेहरादून का फेमस बार क्लब, यहां पर ऐसा कोई काम नहीं था, जो नहीं होता था। स्मगलिंग, ड्रग्स डीलिंग और भी ऐसे बहुत से इल्लीगल काम होते थे। बाहर से देखने में यह...

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देवी उवाच By Bharati babbar

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सत्या का सच By Nirali

अरव मेरी ज़िंदगी का पहला और आखिरी पता था। हम दोनों एक ही गली में पले-बढ़े। मुझे आज भी याद है कि जब हमने नन्हें कदमों से चलना सीखा था, तब से अरव मेरा हाथ पकड़कर चलता था। बचपन में जब...

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“जब अरबपति CEO ने डिलीवरी बॉय बनकर गर्लफ्रेंड का टेस्ट लिया… और उसने उसके मुंह पर पैसे फेंक दिए!”केनज़ो… अब अर्जुन बन चुका था।सिर्फ 27 साल की उम्र में वह अग्रवाल एम्पायर का CEO था ...

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आश्विन महीने की उजली रात थी। पूरी सोसायटी गरबा की ताल और झिलमिलाती रोशनी से जगमगा रही थी। ढोल की थाप और खेलैयों के उल्लास के बीच माहौल में एक अनोखा उत्सव छाया हुआ था। निशा के घर मे...

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ज़िंदगी तू क्या नहीं देती - एक टूटी हुई लड़की की सच्ची कहानी - 10 By Priya

---सिंदूर लगाने के बाद उस रात मैं सो नहीं पाई। माँग में लगा वो लाल रंग सिर्फ सिंदूर नहीं था, वो मेरे नए जन्म का निशान था। नीचे माँ धीरे-धीरे रो रही थी, खुशी के आँसू। पापा ने पहली ब...

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दो पतियों की लाडली पत्नी (Season 2) - 14 By Sonam Brijwasi

20 दिन…इतनी जल्दी गुजर गए…पर हर दिन…श्रेया के लिए…जैसे एक-एक सदी के बराबर था…अब उसकी हालत और खराब होने लगी थी…सांसें तेज़ चलतीं…सीने में दर्द…और वो घबराहट…जो उसे अंदर ही अंदर खा रह...

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खामोश दीवारें और एक रोशनी By Nisha Choudhary

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नई बहू By shilpi

आखिर वो बेला आ ही गयी जिसके लिये मां बाप कब से इंतज़ार करते हैं----अपने माता पिता और स्नेहजनों से बिछड़ कर नीलम अपने पिया राकेश के साथ विदा हो अपनी ससुराल की और चल दी।मन में जहां नई...

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पुरानी हवेलीनुमा मकान की सबसे ऊपरी मंज़िल के कमरे में आरोही की एक अलग ही दुनिया बसती थी। घर में सिर्फ़ तीन लोग थे—उसका बड़ा भाई रोहन, भाभी कविता और वो ख़ुद। भाई का दिन का ज़्यादातर...

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DMA - Dehradun Military Academy - 5 By Aarushi Singh Rajput

सारी लड़कियाँ एक लाइन में खड़ी थीं। उनके सामने Major Saumya खड़ी थीं।उन्होंने सभी की तरफ़ देखते हुए कहा,“I'm Major Saumya, the Academy Commander of DMA.”“आप लोग अगले 6 महीने इस...

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राहें - 30 By shiromani mathur

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मायके की देहलीज़ - भाग 3 By Nisha Choudhary

अस्पताल के उस ठंडे कमरे में फैली गहरी खामोशी को अचानक रीना की भारी सिसकियों ने तोड़ दिया। रीना की आँखों से अब पछतावे के आँसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। जिस नफ़रत, गलतफहमी और अहंक...

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