महिला विशेष कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Women Focused in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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माय कॉन्ट्रैक्ट वाइफ 2.0 By Raju kumar Chaudhary

MY Contract Wife 2.0      (माय कॉन्ट्रैक्ट वाइफ 2.0)शहर की चमचमाती रोशनी के बीच, ऊँची इमारतों और भागती ज़िंदगी के शोर में आरव मल्होत्रा का दिल अजीब सी ख़ामोशी में डूबा रहता था। बाह...

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त्रिशा... - 38 By vrinda

राजन ने उन लोगो के पास जाकर आदर से त्रिशा के पापा और मामा को नमस्ते कहा। उन्होनें भी उसे सुखी और सफल रहने का आशीर्वाद दिया। फिर एक एक कर त्रिशा के चारों के भाईयों ने एक एक कर राजन...

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जिन्दादिली से ज़िन्दा लाश तक का सफर.... By Shalini Gautam

ये सफर तब शुरू होता है जब आप हर रिश्ते से मजबूर हो जाते हैं। आप अपनी भावनाएँ, दुःख, दर्द, तकलीफ़े या रोज़मरा की बात चाह कर भी किसी से नहीं बता सकते...हंसता, खेलता, मुस्कुराता, गाता...

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डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 7 By Jyoti Prajapati

उस रात, डाइनिंग टेबल पर काया के हाथ के बने पुलाव की खुशबू ने भले ही माहौल में थोड़ी मिठास घोल दी थी, लेकिन जैसे ही वंशिका अपने बेडरूम की खामोशी में लौटी, उसके मन का अंधेरा फिर से ग...

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मेरे दूल्हे को मरना होगा - अध्याय 11: सुहागरात (फिनाले) By Varun

बारात का आगमन ज़ोर-शोर से हुआ। घोड़ों की टापें, आतिशबाज़ी, और नाचते हुए लोग। करण घोड़ी पर आया—सिर पर सेहरा, चेहरे पर वही आत्मविश्वास भरी मुस्कान। फिर घोड़ी से उतरकर सीधे अपनी महँगी...

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सीमाओं से परे By ARTI MEENA

सुबह की हल्की धूप खिड़की से कमरे में आ रही थी।राधा की नींद सबसे पहले खुली।उसने करवट लेकर सीमा की तरफ देखा।सीमा अभी भी सो रही थी — लेकिन उसके चेहरे पर एक अलग सी शांति और हल्की चिंता...

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गुस्सा नहीं ग़ुरूर By Rinki Singh

कुछ महीने पहले काशी जाना हुआ |बस में मेरी खिड़की वाली सीट थी | मैं बैठ चुकी थी कि एक महिला आकर बगल में बैठीं, उनके साथ उनका पति और लगभग चार-पाँच साल का एक बच्चा |पतिदेव सामने की सी...

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लाल दाग़ - 5 - (अंतिम भाग) By ARTI MEENA

सुबह हुई और रोज़ की तरह माया स्कूल गई — जैसे वह हर दिन जाती थी।लेकिन आज उसके मन में एक अलग सोच थी।उसे लग रहा था कि अब सच में कुछ बदलाव लाना होगा।बच्चे पढ़ने आए।माया ने रोज़ की तरह...

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इंतेक़ाम - भाग 41 By Mamta Meena

निशा अब अधिकतर बीमार रहने लगी थी उसे हमेशा थकान और कमजोरी महसूस होती कभी कभी तो उसे ऐसा लगता है जैसे वह चक्कर खाकर गिर न वाली हो,,,,उसने डॉक्टर को दिखाया तो पूरी जांच कराने के बाद...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 9 By Sonam Brijwasi

अगली सुबह, हल्की धूप परदे से अंदर आ रही है।कमरा बिल्कुल शांत है।Shreya धीरे-धीरे आँखें खोलती है… सिर भारी है पर अब दर्द उतना नहीं।वो उठकर बैठती है और सामने का नज़ारा देखकर उसकी आँख...

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सीमाओं से परे By ARTI MEENA

“राधा… ज़रा धीरे चल बेटी…”माँ हाँफती हुई पीछे से बोली।“तेरे कदमों में अभी जवानी की रफ्तार है… पर मैं अब 25 की नहीं रही… थोड़ा साथ चल ले।”आज माँ राधा को साथ लेकर बाज़ार आई थी।कुछ ही...

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अनजान मददगार-The Stranger By fiza saifi

माया अपनी नाइट शिफ्ट पूरी करके कॉल सेंटर से निकली थी। नाइट शिफ्ट का ड्राइवर कैब के साथ बाहर उसका इंतज़ार कर रहा था। नाइट शिफ्ट में कॉल सेंटर की तरफ़ से ड्रॉप सर्विस मिलती थी और एक...

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नीलम : एक नाम, कई फैसले By ARTI MEENA

गांव में सुबहें अक्सर शोर से नहीं, खबरों से शुरू होती हैं।उस दिन भी कुछ ऐसा ही हुआ।माँ की आवाज़ में एक अजीब-सा ठहराव था जब उन्होंने कहा—“सुना है, मोहल्ले की लड़की… भाग गई है।”गांव...

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जीवन की पहचान : रीमा By Shivani Jatinkumar Pandya

रीमारीमा… फैशन की दुनिया में यह नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं था। अंतरराष्ट्रीय फैशन शो, नामी ब्रांड्स, विदेशी मैगज़ीनों के कवर—सब जगह उसकी डिज़ाइनों की चर्चा थी। लोग कहते थे, “रीम...

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कोख का संघर्ष By Jeetendra

भाग 1: विश्वास की दरारसुहानी खिड़की के पास खड़ी बाहर गिरती बारिश की बूंदों को देख रही थी, लेकिन उसका ध्यान बाहर के मौसम पर नहीं, बल्कि अपने हाथ में पकड़ी उस स्ट्रिप पर था जिस पर दो...

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इस घर में प्यार मना है - 6 By Sonam Brijwasi

आधी रात हो चुकी थी। पूरा घर गहरी नींद में था।सन्नाटा इतना गहरा कि कार्तिक के कदमों की आहट उसे खुद ही चुभ रही थी। उसके हाथ में एक पुरानी लोहे की रॉड थी। दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था...

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माय कॉन्ट्रैक्ट वाइफ 2.0 By Raju kumar Chaudhary

MY Contract Wife 2.0      (माय कॉन्ट्रैक्ट वाइफ 2.0)शहर की चमचमाती रोशनी के बीच, ऊँची इमारतों और भागती ज़िंदगी के शोर में आरव मल्होत्रा का दिल अजीब सी ख़ामोशी में डूबा रहता था। बाह...

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जिन्दादिली से ज़िन्दा लाश तक का सफर.... By Shalini Gautam

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सुबह की हल्की धूप खिड़की से कमरे में आ रही थी।राधा की नींद सबसे पहले खुली।उसने करवट लेकर सीमा की तरफ देखा।सीमा अभी भी सो रही थी — लेकिन उसके चेहरे पर एक अलग सी शांति और हल्की चिंता...

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कुछ महीने पहले काशी जाना हुआ |बस में मेरी खिड़की वाली सीट थी | मैं बैठ चुकी थी कि एक महिला आकर बगल में बैठीं, उनके साथ उनका पति और लगभग चार-पाँच साल का एक बच्चा |पतिदेव सामने की सी...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 9 By Sonam Brijwasi

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आधी रात हो चुकी थी। पूरा घर गहरी नींद में था।सन्नाटा इतना गहरा कि कार्तिक के कदमों की आहट उसे खुद ही चुभ रही थी। उसके हाथ में एक पुरानी लोहे की रॉड थी। दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था...

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